म्यूचुअल फंड क्या है | What is Mutual Fund in Hindi


Mutual Fund ये नाम तो आपने सुना ही होगा। TV पर आने वाले विज्ञापन 'Mutual Fund Sahi Hai' ( म्यूचुअल फंड सही है ) मे आपको कई बार इस शब्द के बारे मे जानकारी मिली होगी। ये शब्द सुनकर आपको ये जानने इच्छा तो जरूर हुई होगी की आखिर ये म्यूचुअल फंड क्या है, म्यूचुअल फंड मे निवेश कैसे करे और म्यूचुअल फंड के फायदे क्या है और नुकशान क्या है।

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India मे ज़्यादातर लोगो को निवेश के बारे मे ज्यादा जानकारी नहीं है, इसलिए वो अपनी पूंजी या तो बेंकों मे रखते है या फिर किसी प्रोपर्टी मे निवेश करते है। जिससे उनकी पूंजी का सही इस्तेमाल नहीं हो पता और ज्यादा return नहीं हासिल कर पाते है। कुछ लोग शेयर बाजार मे निवेश करने के बारे मे सोचते है, लेकिन शेयर बाज़ार की ज्यादा जानकारी न होने के कारण या तो investment करते ही नहीं है या फिर पैसे गवा देते है। और कुछ लोग निवेश तो करना चाहते है पर उनके पास ज्यादा पूंजी न होने के कारण वो अपने फिजूल के खर्चो मे पैसे बर्बाद कर देते है। 

तो फिर ऐसे मे क्या किया जाए और कहाँ पर निवेश करे ? 

ऐसे हालत मे आपके लिए म्यूचुअल फंड एक बहेतरीन तरीका हो सकता है अपने पैसो को सही जगह पर लगा कर अच्छे returns प्राप्त करने के लिए। इस article मे हम mutual fund के बारे मे विस्तार से जानेंगे और म्यूचुअल फंड के बारे मे आपके सारे doubts clear करने की कोशिष करेंगे।

Mutual Fund की पूरी जानकारी हिन्दी मे 




म्यूचुअल फंड क्या है ( Mutual Fund in Hindi ) 


सबसे पहले ये जानते है की ये म्यूचुअल फंड है क्या। म्यूचुअल फंड का अर्थ इसके नाम मे ही छिपा हुआ है, जिसे सुनकर आपको ये तो पता चल गया होगा की ये एक प्रकार का फ़ंड है। विस्तार से समजे तो म्यूचुअल फंड एक ऐसा फ़ंड है जिसमे बहोत सारे निवेशको का पैसा एकत्रित किया जाता है, और इस फ़ंड को जमा करने वाली कंपनी उसको manage करती है। 

एकबार फ़ंड एकत्रित करने के बाद म्यूचुअल फंड कंपनी उन पैसो को ऐसी जगहो पर निवेश करती है जिससे वो निवेशको को ज्यादा से ज्यादा returns दे शके। म्यूचुअल फंड के द्वारा जमा किया हुआ पैसा म्यूचुअल फंड कंपनीया शेयर बाज़ार, डेब्ट स्कीम, कोमोडिटी या अन्य जगहो मे निवेश करती है, लेकिन ज़्यादातर म्यूचुअल फंड का पैसा शेयर बाज़ार मे लगाया जाता है, जिससे ज्यादा रिटर्न्स प्राप्त हो सके।

इन म्यूचुअल फंड को manage करने के लिए म्यूचुअल फंड कंपनीया निवेशको से निर्धारित fees लेती है, जिसका rate निवेशक को पहले की बता दिया जाता है। म्यूचुअल फंड मे निवेश की समय सीमा अलग अलग होती है, कुछ म्यूचुअल फंड मे से आप कभी भी पैसे निकाल सकते हो तो कुछ म्यूचुअल फंड्ज मे आपको निर्धारित समय के बाद ही रिटर्न मिलता है। अगर आप म्यूचुअल फंड मे निवेश करने से पहले ये अवश्य जान ले की fees क्या है और पैसे कब निकाल सकते है, जिससे आपको बाद परेशानी का सामना न करना पड़े।

म्यूचुअल फंड मे निवेश करना बहोत आसान है और उसमे निवेश करने के लिए आपको बहोत सारे पैसो की भी जरूरत नहीं है, आप बस सिर्फ 500 प्रति माह के निवेश पर म्यूचुअल फंड खरीद सकते है।

कई लोगो क मन मे ये प्रश्न भी होता है की क्या म्यूचुअल फंड legal या नहीं और इसमे पैसा सुरक्षित है की नहीं। तो उसका जवाब ये है की म्यूचुअल फंड एक दम legal है और इसका नियंत्रण sebi करती है इसलिए आपका पैसा बिलकुल सुरक्षित है। लेकिन निवेश करने से पहले आपको म्यूचुअल फंड कंपनी के बारे मे थोड़ी बहोत जानकारी होनी बहोत आवशयक है, हो सके leading mutaul funds मे ही निवेश करे।

म्यूचुअल फंड और शेयर बाज़ार मे अंतर क्या है ?


म्यूचुअल फंड के विज्ञापन मे एक बात तो सबने ही सुनी होगी - Mutual Funds Investment Are Subject To Market Risks, Read All Scheme Related Document Carefully ( म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं, सभी योजनाओं के दस्तावेज़ सावधानीपूर्वक पढ़ें ). ये सुनके कई लोगो को लगता है की म्यूचुअल फंड मे निवेश करना मतलब शेअर बाज़ार मे निवेश करना। लेकिन ये बात पूर्ण सत्य नहीं है।  

Mutual Funds शेयर बाज़ार का ही एक हिस्सा है, लेकिन शेयर बाज़ार नहीं है। अगर आप शेअर बाज़ार के बारे मे ज्यादा जानना चाहते है तो इस पोस्ट को पूरा पढे - शेअर बाज़ार क्या है | Stock Market की पूरी जानकारी हिन्दी मे. शेअर बाज़ार के निवेश मे रिस्क बहोत ज्यादा होता है, जब की म्यूचुअल फंड मे कम होता है। शेअर बाज़ार मे पैसे निवेश करने के लिए आपको मार्केट की बहोत सारी जानकारी होनी आवश्यक है उसके बदले म्यूचुअल फंड मे आपको सिर्फ सही फ़ंड ही चुनना होता है। 

इस अंतर को आसान भाषा मे समजे तो शेअर बाज़ार मे शेअर चुनने के लिए जो महेनत आपको करनी पड़ती है, वो म्यूचुअल फंड् मे company करती है। म्यूचुअल फंड कंपनी बहोत सारा data analysis करके एक फ़ंड बाहर पड़ती है, जिसमे कुछ company का समूह होता है। और निवेशको का पैसा उसमे लगती है। उदाहरण के तौर पे एक म्यूचुअल फंड है XYZ Mutual Fund. जिसमे 10 company के शेअर शामिल है, मान लो अगर उन मे से एक दो company के shares के भाव कम होते है तो उससे निवेशक को ज्यादा नुकसान नहीं होता। और इसके कारण निवेशको को शेअर बाजार से कम और अन्य निवेशों से ज्यादा रिटर्न मिलता है। 

Types of Mutual Fund in Hindi ( म्यूचुअल फंड के प्रकार )


म्यूचुअल फंड मे निवेश करने से पहले ये जानना बहोत जरूरी है ही आप के लिए किस प्रकार का फ़ंड सही रहेगा। वैसे तो म्यूचुअल फंड् के बहोत सारे प्रकार है, लेकिन इस पोस्ट मे हम mutual funds के मुख्य प्रकार के बारे मे जानेंगे। 

म्यूचुअल फंड मुख्यतह 3 प्रकार के होते है :

1. Equity Fund

Equity Mutual Funds वो funds होते है, जिनका निवेश stock market मे हो। equity funds मे भी बहोत सारी catagories होती है, जैसे की large cap fund, mid cap fund, small cap fund, sector fund, diversified equity fund, diversified yield scheme, ELSS और thematic fund. इन सभी funds को समजने के लिए आपको market की basic जानकारी होनी बहोत आवश्यक है। 

2. Debt Fund

Debt Funds मे Debt instrument के जरिये government या company पैसा उधार लेते है और और फिर interest के साथ वो पैसा return कर देते है। ये funds debt instruments जैसे की debentures, bond और certificate of deposit.. etc मे invest करते है। debt fund मे equity fund से risk कम होता है और return भी कम मिलता है।  

Debt funds की बात करे तो मुख्यतः वो 4 प्रकार के होते है: 1. GILT Fund, 2. Junk Bond Schemes, 3. Fixed Maturity Plans और 4. Liquid Schemes. 

3. Hybrid Fund

एक से ज्यादा asset classes पर invest किए जाने वाले funds को hybrid funds कहते है। hybrid fund debt fund और equity fund दोनों मे invest करते है। मुख्यतर ये funds 3 प्रकार के होते है - 1. Monthly Income Plan, 2. Balanced Fund और 3. Arbitrage Fund.

इसके अलावा म्यूचुअल फंड structure के हिसाब से 2 types के होते है, जिनके बारे मे जानना बहोत आवश्यक है :

1. Open Ended Fund 

Open Ended Fund वो fund होते है जिसमे आप उस fund के units कभी भी buy य sell कर सकते है, मार्केट मे ज़्यादातर इसी प्रकार के fund होते है। 

2. Close Ended Funds

Close Ended Fund वो fund होते है जिसमे आप उस fund के units जब चाहे तब sell नहीं कर सकते है, उसको sell करने का एक निर्धारित time pried होता है, उस समय को पूरा करने के बाद ही आप बेच सकते हो। 

इन प्रकार के अलावा international funds, real estate funds, gold funds, exchange traded funds etc.. ये म्यूचुअल फंड के प्रकार है। म्यूचुअल फंड के प्रकार को जानने के बाद अब जानते है की mutual fund मे invest कैसे करे। 

म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करे


म्यूचुअल फंड मे निवेश करना बहोत ही आसान है। म्यूचुअल फंड को आप online और offline दोनों तरह से buy कर सकते है। सबसे पहले बात करते है offline की।

offline म्यूचुअल फंड मे invest करने के लिए आप अलग अलग security य banks की म्यूचुअल फंड शाखा, share broker की office य किसी ऐसे व्यक्ति का संपर्क करे जो mutual fund का काम करता हो। 

online mutual fund मे invest करने के लिए आपके पास बहोत सारे options मोजूद है, असपे आपको register करना होता है और अपना KYC process को complete करना होता है। अगर आपके पास demat account है और अगर आपका broker आपको mutual fund buy करने का option देता है तो आप वहाँ से भी खरीद सकते है। 

किसी भी म्यूचुअल फंड house मे निवेश करने से पहले ये जान ले की उसका पुराना track record कैसा है और उसकी history जानने के बाद ही scheme मे निवेश करे।

म्यूचुअल फंड कैसे खरीदे इस बात को जानने के बाद अब हम सबसे महत्व पूर्ण मुद्दे की बात करते है की सही म्यूचुअल फंड कैसे चुने।

सही म्यूच्यूअल फ़ंड कैसे चुनें


किसी भी म्यूचुअल फंड मे अच्छे रिटर्न पाने के लिए सही फ़ंड का चुनाव करना बहोत imortant है। सही म्यूचुअल फंड मे निवेश करने के लिए आपको थोड़ी बहोत research करनी बहोत आवशयक है। किसी भी फ़ंड को खरीदने से पहले आपको नीचे दिये गए मुद्दो को ध्यान मे रखना बहोत आवश्यक है। 

1. Mutual Fund house की history क्या है और उसका performance कैसा है।

2. आपकी risk लेने की क्षमता क्या है, अगर आप कम risk लेना चाहते है तो debt fund चुने और ज्यादा risk लेना चाहते है तो equity fund.

3. आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते है, long term या short term.

मुख्यतह आपको इन बातों का पता लगाना बहोत मुसकिल काम नहीं है, अब जानते है की म्यूचुअल फंड के फायदे क्या है और नुकशान क्या है।

Mutual Fund के फायदे


1. म्यूचुअल फंड का सबसे बड़ा फायदा ये है की आप इसमे बहोत कम पैसो से invest start कर सकते है।

2. इसमे शेअर बाज़ार से risk कम है, सो आपके निवेश की आपको ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

3. इसको manage करने के सारा काम आपका fund manager करता है, इसलिए आप के समय की भी बचत होती है।

4. इसमे आपको बहोत सारे options मिलते है fund को choose करने के लिए।

5. bank से ज्यादा return प्राप्त कर सकते है।

Mutual Fund के नुकशान


हर एक चीज़ के कुछ फायदे होते है तो उसकी कुछ limitations भी होती है।

1. म्यूचुअल फंड मे risk कम होने के कारण रिटर्न भी कम हो जाता है, शेअर बाज़ार के मुक़ाबले।

2. इसका पूरा control आपके हाथ मे नहीं होता है, फ़ंड मैनेजर के निर्णय पर आपके पैसे का इस्तेमाल होता है।

3. म्यूचुअल फंड के कुछ charges आपको चुकाने पड़ते है।

4. म्यूचुअल फंड शेअर बाज़ार से जुड़ा हुआ होने के कारण बाज़ार मे आए बदलावो कर असर आपके फ़ंड पर पड़ता है।

5. इसके सर्विस सेंटर खास करके मुख्य शहेरो मे होते है। 

Mutual Fund Tips in Hindi


अब जानते है की म्यूचुअल फंड मे इन्वेस्ट करने के कुछ टिप्स :

1. म्यूचुअल फंड मे निवेश करने से पहले अपने लक्ष्य निर्धारित कर ले, की आप कितना return कितने समय मे पाना चाहते है।

2. सही फ़ंड हाउस का चुनाव करे। उसकी services कैसी है, history क्या है और last 3 साल का प्रदशन कैसा है.. etc

3. आप कितने समय तक पैसे को निवेश के लिए रख सकते है, हो सके तो long term का ही चुनाव करे।

4. आपकी जोखिम लेने की क्षमता क्या है, ये जान ले। 

5. आप जिस फ़ंड मे निवेश करने वाले है उसका पिछला record देख ले।

6. mutual fund manage करने वाली company आपसे कितना charge लेने वाली है, उसके बारे मे भी जानकारी प्राप्त करे।

7. अफवाहों पर ध्यान न देकर अपने निवेश पर अटल रहे। 

Mutual Fund क्या है - What is Mutual Fund in Hindi इस article को पूरा ध्यान से पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। आशा करता हूँ की mutual फ़ंड से जुड़े आपके सवालो के जवाब आपको मिल गए होने, इसके अलावा अगर और कोई doubt है तो आप नीचे comment करके पूछ सकते है। अगर आपको ये पोस्ट helpful लगे तो इसे आप दूसरों के साथ share करके लोगो को invesment के बारे मे जागरूक कर सकते है।


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